podqast

'ड़' का भौंडापन, सरकारी नौकरी की सनक और लैटरीन के अर्थ अनेक : तीन ताल Ep 68

Teen Taal1h 57m

तीन ताल के 68वें एपिसोड में कमलेश 'ताऊ', पाणिनि ‘बाबा’ और कुलदीप ‘सरदार' से सुनिए:

-'ड़' क्यों रहा हमेशा अछूता. किसने इसे बचाया. ताऊ को किन अक्षरों से चिढ़ और ताऊ की 'ड़' केंद्रित कविता.

-बाबा कौन सी सीरीज देख रो रहे हैं इन दिनों. सरदार का कम एपिसोड वाले सीरीज से प्रेम की वजह और ताऊ की ओर से कुछ फिल्मों के सुझाव.

-सरकारी नौकरी की मार्केट वैल्यू. सरकारी और प्राइवेट नौकरी में कौन सी बेहतर. सरकारी नौकरियों की विडम्बना क्या. ताऊ ने क्यों रोजगार और नौकरी को अलग बताया?

-एफडी और सरकारी नौकरी का रिश्ता. ताऊ ने सरकारी नौकरी क्यों नहीं की? बाबा ने शोषण और हरामखोरी का फ़र्क़ समझाया. क्या सरकारी नौकरी वाले प्रेम नहीं करते?

-बिज़ार ख़बर में फ्लश की तेज आवाज़ को मानवाधिकार उल्लंघन बताने वाली इटली की एक कोर्ट और उस पर बतकही.
.
-बाथरूम की फ्लश और पड़ोसी में ज्यादा बड़ी समस्या कौन? पैखाना और पाकिस्तान का फ़र्क़. हिंदुस्तान में कमोड सिस्टम कैसे हुआ फेल. ताऊ क्यों ओबामा से हाथ मिलाते तो कतराते?

-और तीन तालियों की चिट्ठी और प्रतिक्रियाओं के बहाने हिंदी दर्शकों का 'द्रविड़' प्रेम. रुख़सार पर तिल का असल मतलब.

प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी
साउंड मिक्सिंग ~ अमृत रेगी

Episode page ↗
Also about parties and government
Every episode about Parties & government
More from Teen Taal