अपने-अपने एंकर, मँगतों की सभ्यता और गर्दिश में सितारे: तीन ताल, S2 E17
तीन ताल में कमलेश 'ताऊ', कुलदीप 'सरदार' और संजय शर्मा 'पंडीजी' से सुनिए:-
-सोशल इंजीनियरिंग का मौसम. विश्वेश्वरय्या अगर आज ज़िंदा होते!
-हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ! बॉयकॉट की आज़ादी.
-प्रेस कांफ्रेंस क्या है? INDIA; एक ब्लॉक के तौर पर.
-PM के प्रेस कांफ्रेंस न करने पर ताऊ ने क्या कहा?
-उधारी के किस्से. इकोनॉमी शब्द कहाँ से आया?
-उधार के बग़ैर दुनिया की कल्पना. उधारी क्यों बहुत ज़रूरी है?
-हैबिचुअल बॉरोअर. उधार पर चलने वाली दुकानें.
-किन चीज़ों की उधारी, उधारी नहीं! पान की डायनेमिक प्राइसिंग.
-पाकिस्तान को मरने की दुआ कोई क्यों नहीं देता?
ताऊ के हाथों की तीन अंगूठी.
-बिज़ार ख़बर में उस कोच की बात जिन्होंने इंडियन फुटबॉल टीम का चयन ज्योतिषी से करवाया.
-ग्रहों की चाल. गर्दिश में सितारे. रोड साइड ज्योतिषी.
-घरेलू आयोजनों और जगरातों के कार्यक्रम. जगरातों ने हमें कौन से गायक दिए हैं?
-फिल्मी गीतों पर आधारित देवी गीत. जगराते का शेर. हवाई चप्पलों की मजबूती.
-और आख़िर में प्रिय 'तीन तालियों' की चिट्ठियां.
प्रड्यूसर ~ शुभम तिवारी
साउंड मिक्सिंग ~ कपिल देव सिंह